झाड़ू से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

झाड़ू से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातें

झाड़ू एक घरेलू सामान है , जो सफाई के लिए प्रयोग किया जाता है । झाड़ू गंदगी रूपी दरिद्रता को बाहर करती है । प्राय: स्थानीय स्तर पर प्रयुक्त घास , पत्तियां , पौधे ही झाड़ू बनाने में काम आते हैं । आजकल कृत्रिम सीकों और फाइबर के भी झाड़ू बनने लगे हैं ।

घर में सफाई करना भी दैनिक धार्मिक संस्कारों से जुड़ा है । इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है । जबकि कचड़ा , धूल , गंदगी से नकारात्मक ऊर्जा बनती है । झाड़ू घर की सफाई के साथ ही उसकी दरिद्रता को भी दूर करती है ।

वास्तु में लिखित बातों पर ध्यान दिया जाए और उनके नियमों का पालन किया जाए तो घर में सुख – सौभाग्य और समृद्धि का आगमन होता है । इस प्रकार झाड़ू से संबंधित विशेष बातों पर ध्यान देना चाहिए :-

  1. रोगों को दूर करने वाली माता शीतला अपने हाथों में झाड़ू धारण किए हुए हैं ।
  2. घर में झाड़ू लगाने का सबसे उचित समय सुबह का है । सुबह 4:00 बजे से 5:00 बजे तक उत्तम समय माना गया है , इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती है । और यदि रात के समय झाड़ू लगाई जाती है , तो माता लक्ष्मी उस व्यक्ति से रुष्ट हो जाती हैं । सायंकाल में यदि झाड़ू लगाई जाती है तो सूर्यास्त से पहले झाड़ू लगा लेनी चाहिए । सूर्यास्त होने के बाद झाड़ू नहीं लगाना चाहिए इससे घर की समृद्धि का नाश होता है ।
  3. झाड़ू का उपयोग सदैव सफाई कार्य में ही किया जाना चाहिए । सफाई करते समय किसी को संबंधित (उस) स्थान से हटाने के लिए झाड़ू का स्पर्श नहीं करना चाहिए ।
  4. रोजाना की जिंदगी में साफ- सफाई का विशेष महत्व है , झाड़ू को लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है । माना जाता है कि साफ-सुथरे घर में ही शांति और लक्ष्मी का निवास होता है । गंदे घरों में जहां कलह और दरिद्रता आती है , वहां सफाई करने के समय , कुछ नियमों का पालन ना करने से भी परिवारों को धन की कमी का सामना करना पड़ सकता है ।
  5. घर की सफाई में झाड़ू- पोंछा का विशेष महत्व होता है । झाड़ू करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना , आपके घर में धन-धान्य और सुख – शांति बनाए रखता है । वही कुछ ऐसी भी चीजें हैं , जिन्हें करना आपको अचानक परेशानियां दे सकता है और धन की हानि भी हो सकती है ।
  6. झाड़ू को धन की देवी मां लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है । इसलिए खुली जगहों पर इसे कभी ना रखें । जहां तक संभव हो , इसे ऐसी जगह रखें जहां किसी की नजर न पड़े । संभव हो तो इसे पश्चिम दिशा या घर के पश्चिम दिशा के किसी कमरे में रखे ।
  7. झाड़ू को छत पर या घर से बाहर या किसी भी खुली जगह पर नहीं रखना चाहिए , ऐसा करने से चोरी का खतरा पैदा होता है ।
  8. भोजन कक्ष में भी झाड़ू ना रखें । इससे घर में अनाज जल्दी खत्म हो सकता है और परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है । जहां अनाज और खाने के सामान का भंडारण किया जाता है , वहां झाड़ू नहीं रखना चाहिए इसके पीछे मान्यता है कि इस स्थान पर रखी झाड़ू परिवार को हानि पहुंचाती है ।
  9. रात के समय घर के दरवाजे पर झाड़ू रखने से , घर में नकारात्मक ऊर्जा नहीं आती है । लेकिन इतना अवश्य ध्यान रखें कि ऐसा सिर्फ रात में ही करें । दिन के समय झाड़ू , नजर न पड़ने वाली जगहों पर रखें । और पैर से न लगने वाली जगह पर रखें । झाड़ू को अलग कोने में रखना चाहिए ।
  10. सुबह उठते ही घर के मुख्य दरवाजे पर पानी का छिड़काव करें । कहते हैं कि जिस घर में सफाई होती है उस पर हमेशा माता लक्ष्मी और शनिदेव की कृपा होती है । और वह मुसीबतों से बचा रहता है ।
  11. पुराना झाड़ू हटाकर नया निकालने के लिए शनिवार का दिन चुनें । कहा गया है कि अगर आप नई झाड़ू खरीदना या इस्तेमाल करना चाहते हैं , तो शनिवार के दिन ही नई झाड़ू का उपयोग करना बेहद शुभ माना गया है।
  12. सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना जहां अपशकुन माना जाता है । वहीं ऐसी मान्यता है कि सफाई के साथ हम लक्ष्मी को भी घर से बाहर कर देते हैं । जो उनका अपमान है और इसलिए लक्ष्मी रूठकर (नाराज होकर) उस घर से चली जाती है ।
  13. झाड़ू पर पैर रखना , झाड़ू पैर से लगना या पैर से लांघना , लक्ष्मी जी का अपमान और दरिद्रता का न्योता देना माना जाता है । झाड़ू से पैर लगाने का मतलब लक्ष्मी को ठोकर मारना है । इसलिए झाड़ू को कभी गलती से पैर लग जाय तो लक्ष्मी जी को प्रणाम करके माफी मांग लेना चाहिए । क्योंकि ऐसा अपमान करने से आर्थिक हानि होती है और मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं ।
  14. गाय या किसी भी जानवर या घर के सदस्यों को भी कभी झाड़ू से मारना , परिवार के लिए परेशानियां पैदा करता है । गाय में हिंदू धर्म के 33 कोटि देवी- देवताओं का वास माना जाता है ।
  15. टूटी हुई झाड़ू से सफाई नहीं करें ऐसा करना कई परेशानियों को आमंत्रण देने के समान है । झाड़ू के टूट जाने के बाद तुरंत ही बदल देना चाहिए । टूटी हुई झाड़ू से घर की सफाई करना , कई तरह की परेशानियों को बुलावा देता है । घर में आर्थिक परेशानियां आ सकती हैं ।
  16. घर के सदस्यों या मेहमान के बाहर जाने के तुरंत बाद झाड़ू नहीं लगाना चाहिए । ऐसा करने से वह व्यक्ति जिस काम के लिए बाहर जा रहा है उसमें बाधाएं आती हैं या मृत्यु तुल्य कष्ट होते हैं । और काम पूरा नहीं होता है । अगर झाड़ू मारना है तो घर से जाने के 1–2 घंटे बाद ही झाड़ू पोछा करना चाहिए ।
  17. झाड़ू को कभी भी दीवार के सहारे खड़ी करके नहीं रखना चाहिए । ऐसा करना दुश्मनों को बढ़ावा देना है । झाड़ू को कभी उल्टा नहीं रखना चाहिए , इससे घर में कलह होने की संभावना बनती है । और दरिद्रता का वास होता है । झाड़ू को हमेशा जमीन पर लेटा कर रखना चाहिए ।
  18. नए घर में प्रवेश करते समय हमेशा नई झाड़ू लाए । पुराने घर का झाड़ू लाने का अर्थ है कि आप अपने पुराने घर की नकारात्मक ऊर्जा इस नए घर में ला रहे हैं ।
  19. सूर्यास्त के बाद घर में झाड़ू लगाने से मां लक्ष्मी अप्रसन्न हो जाती है । इसलिए शाम को झाड़ू नहीं लगाना चाहिए । अगर किसी कारण बस आपको रात में झाड़ू लगाना भी पड़े , तो कूड़े या मिट्टी को घर के बाहर न फेंके बल्कि घर के भीतर ही कूड़ेदान या किसी एक जगह पर इकट्ठा कर दें । माना जाता है सूर्यास्त के बाद घर की मिट्टी बाहर फेंकने से , लक्ष्मी घर से बाहर चली जाती है और घर में दरिद्रता का वास होता है ।
  20. अगर आप नयी झाड़ू खरीदना चाहते हैं तो कृष्ण पक्ष में ही नई झाड़ू का खरीदना बेहद शुभ माना गया है । जबकि शुक्ल पक्ष में खरीदी गई झाड़ू अशुभता की निशानी मानी जाती है । इसलिए झाड़ू कभी भी खरीदें कृष्ण पक्ष में ही खरीदें ।
  21. किचन में झाड़ू और पोंछा को रखना , घर में अन्न की कमी को दर्शाता है । क्योंकि झाड़ू और पोंछा का संबंध गंदगी से होता है । जिसके चलते किचन में गंदगी बढ़ती है और किचन में भोजन बनता है और खाया जाता है । इस सबका घर के सदस्यों पर बुरा प्रभाव पड़ता है । इसलिए घर में अन्न की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए झाड़ू -पोंछा को किचन से दूर ही रखना चाहिए ।
  22. अपने घर की झाड़ू को धन की तरह ही छुपा कर रखना चाहिए । झाड़ू को खुले में रखना और हर समय सभी की नजरों में आना , शुभ नहीं माना जाता है । झाड़ू देखने से घर पर बुरी नजर न पड़े ऐसा कहा जाता है ।
  23. झाड़ू रखने की उचित दिशा दक्षिण-पश्चिम या पश्चिम में शुभ बताई गई है । झाड़ू को कभी भी ईशान कोण यानि उत्तर-पूर्व दिशा में नहीं रखनी चाहिए । इस दिशा में रखने से घर में भगवान का आगमन नहीं होता है ।
  24. जिस तिजोरी या अलमारी में आप पैसा या अन्य कीमती सामान रखते हैं , उसके पीछे या सटाकर कभी भी झाड़ू नहीं रखनी चाहिए । इससे धन की हानि होती है ।
  25. झाड़ू नया खरीदने के लिए मंगलवार , शनिवार या अमावस्या का दिन सबसे अच्छा माना जाता है । शनिवार या अमावस्या के दिन नई झाड़ू का इस्तेमाल करने से पूरी तरह दोषमुक्त हो जाता है और सुख- समृद्धि बढ़ती है ।घर के दोष समाप्त होते हैं और धन संपन्नता आती है ।
  26. अगर आप किराये के घर में रहते हैं और नया घर किराए पर लेते हैं या नए घर में प्रवेश कर रहे हैं तो पुरानी झाड़ू को पुराने घर पर छोड़कर न आयें । ऐसा होने पर लक्ष्मी पुराने घर में ही रह जाती है और नए घर में परेशानियां आने की संभावना बढ़ जाती है । उसे ऐसे स्थान पर रखें ताकि उसपर किसी का पैर न पड़े ।
  27. झाड़ू को हमेशा साफ रखें , गीला न छोड़ें । ज्यादा पुरानी झाड़ू को घर में ना रखें ।
  28. शनिवार के दिन पुरानी झाड़ू को बदल देना चाहिए । झाड़ू को कभी भी जलाना नहीं चाहिए इससे देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती है । ऐसे जगह पर रखें जहां उस पर पैर न पड़े या जमीन के नीचे दबा दें ।
  29. घर के मुख्य दरवाजे के पीछे एक छोटी झाड़ू टांगकर रखने से घर में लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है ।
  30. रविवार या सोमवार के दिन बाजार से तीन झाड़ू खरीद कर लाए और अगले दिन ब्रह्म मुहूर्त में सभी नित्य क्रियाओं से निवृत्त होकर पवित्र हो जाएं । इसके बाद अपने घर के आस-पास किसी मंदिर में वह तीनों झाड़ू रख दें । ध्यान रहे कि झाड़ू ले जाते समय और मंदिर में रखने के समय कोई देखे नहीं । इससे धन की प्राप्ति होती है ।
  31. दीपावली के दो दिन पहले धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना शुभ एवं आवश्यक माना जाता है । झाड़ू को लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है । झाड़ू घर की दरिद्रता को बाहर करती है और धन की देवी लक्ष्मी के आने की सूचक होती है ।झाड़ू , सींको वाली और फूल वाली का महत्व इस दिन रहता है । आज के दिन यही झाड़ू खरीदना चाहिए । (प्लास्टिक की झाड़ू नहीं खरीदें )हल्की झाड़ू नहीं खरीदें, घनी वजनदार झाड़ू खरीदें । जितनी घनी झाड़ू होगी उसका सकारात्मक प्रभाव उतना ही अधिक होगा । यह ध्यान रखना है कि सीकों वाली झाड़ू की सीकें टूटी नहीं होनी चाहिए । टूटी हुई सीकों वाली झाड़ू को खन्डित माना जाता है । जो कि अशुभ है ।
  32. अगर आपके घर में पुरानी झाड़ू पड़ी है तो उसे तुरंत बाहर कर दें और नयी झाड़ू को धनतेरस के दिन घर में लाएं ।
  33. अमावस्या के दिन आप घर से टूटी -फूटी बस्तुओं या कबाड़ा को हटा सकते हैं । इसी के साथ आप पुरानी टूटी हुई झाड़ू भी अमावस्या के दिन घर से हटा सकते हैं । इस दिन कोई दोष नहीं लगता है ।
  34. धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदने के बाद उसकी पूजा अवश्य करें । इस दिन झाड़ू की पूजा करने का विधान है , क्योंकि झाड़ू को माता लक्ष्मी का रूप माना जाता है ।
  35. धनतेरस के दिन जब तक आप झाडू की पूजा नहीं कर लेते हैं , तब तक झाड़ू को ऐसी जगह छुपा कर रखें , ताकि किसी की नजर उसपर न पड़ जाए ।
  36. घर में सुबह उठकर एक बार झाड़ू जरूर लगाना चाहिए ।
  37. वैज्ञानिक तर्क के अनुसार रात के समय घर में साफ सफाई या झाड़ू लगाने से घर का कोई कीमती सामान उसमें खो सकता है । इसके लिए रात को झाड़ू नहीं लगाना चाहिए ।
  38. किचन के दरवाजे के पीछे या बालकनी में भी झाड़ू नहीं रखना चाहिए । ऐसा करना अशुभ माना गया है ।
  39. अगर घर का कोई छोटा बच्चा अचानक झाड़ू लगाने लगे तो मान्यता है कि इससे घर में अनचाहे मेहमान आ सकते हैं ।
  40. झाड़ू लगाते समय अचानक झाड़ू बिखर जाए तो परिवार टूटने के संकेत हो सकते हैं ।
  41. झाड़ू अगर गीला हो जाए तो यह आपकी लापरवाही के संकेत है ।
  42. झाड़ू को समय-समय पर बदलते रहना चाहिए , टूटने तक इंतजार नहीं करना चाहिए ।
  43. सपने में स्वयं या कोई अन्य व्यक्ति झाड़ू लेकर खड़ा है तो यह सौभाग्य का प्रतीक है । सुबह किसी काम से बाहर निकल रहे हैं और सड़क पर कोई झाड़ू लगाते दिखे तो शुभ संकेत माना जाता है । यह सौभाग्य की ओर ले जाएगा ।
  44. झाड़ू लगाना सेहत के लिए फायदेमंद होता है । कमर और पेट पर जमा चर्बी फैट कम हो जाता है । झुक कर झाड़ू लगाने से कमर और रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है ।
  45. गुरुवार या फिर शुक्रवार को पुरानी झाड़ू को घर से बाहर नहीं फेंके । इस दिन घर से फेंकना मां लक्ष्मी का अपमान होता है , और लक्ष्मी उस घर से चली जाती है । झाड़ू बाहर निकालने का दिन शनिवार या अमावस्या दिन उत्तम है ।
  46. झाड़ू अगर टूट- टूट कर घर में गिर रही है तो इससे दरिद्रता की निशानी और धन की हानि मानी जाती है । घर की परेशानियां बढ़ती है और उस घर पर संकट आने लगता है । इसलिए ऐसी झाड़ू को या तो हटा दें या फिर ठीक से रस्सी से बांध दें ।
  47. कभी भी झाड़ू से जमीन पर गिरा हुआ जूठा खाना न साफ करें । ऐसा करना दोषपूर्ण माना गया है । पहले उसे कपड़े से साफ करने के बाद ही उस स्थान पर झाड़ू का प्रयोग करें ।
  48. बेडरूम में दम्पति (पति-पत्नी) को कभी भी अपने कमरे में बिस्तर के नीचे झाड़ू नहीं रखना चाहिए । ऐसा करने से पति -पत्नी में मतभेद बढ़ता है ।
  49. कुछ विद्वानों के अनुसार झाड़ू रखने के लिए देव दिशा यानी उत्तर दिशा उपयुक्त मानी गई है या ईशान कोण में रखना चाहिए । उनका तर्क है कि झाड़ू , लक्ष्मी देवी है इसलिए देवस्थान की दिशा में रखा जाना चाहिए ।
  50. झाड़ू कभी भी एक- दो नहीं , तीन झाड़ू खरीदना चाहिए । शनिवार के दिन हमेशा झाड़ू खरीदे और पुराना शनिवार के दिन ही हटाए ।
  51. डायनिंग हॉल में झाड़ू रखने से परिवार में स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं होती हैं ।
  52. झाड़ू की धूलि से बच कर रहना चाहिए यह धूलि शुभ प्रारब्ध को हर लेती है , यानी अशुभ होता है । स्वास्थ्य खराब होता है । घर बुहारते समय ध्यान रखें कि सामने किसी के ऊपर धूल ना उड़े । सामने से आदमी को हटा देना चाहिए ।
  53. शास्त्रों में यह बताया गया है कि जिस घर में स्वच्छता नहीं होती है वहां मां लक्ष्मी की जगह बीमारियों का वास होता है ।
  54. अपवित्र , गंदे और पानी वाले स्थान पर झाड़ू ना रखें । ना ही घर की झाड़ू से बाथरूम या अन्य गंदी जगह साफ करें । इनके लिए अलग झाड़ू रखें ।
  55. झाड़ू पर नहीं बैठना चाहिए , इससे मां लक्ष्मी का अपमान होता है ।
  56. पूर्व दिशा में झाड़ू रखने पर पड़ोसियों से लड़ाई की आशंका रहती है । उत्तर दिशा में झाड़ू रखने से घर से धन का नुकसान होने लगता है । उत्तर- पूर्व दिशा में रखने पर आप हमेशा कंफ्यूजन रहते हैं ।
  57. झाड़ू और कूड़ेदान को कभी भी ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्वी कोने में ना रखें । ऐसा करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है । और साथ ही साथ घर में बरकत नहीं होती है ।
  58. झाड़ू को हमेशा साफ रखें और उसे गिला ना छोड़े । और पुरानी हो चुकी झाड़ू को कभी भी घर के बाहर बिखरा कर न फेंके । और ना ही उसको जलाएं इससे घर की सुख- शांति चली जाती हैं और नकारात्मक उर्जाओं का वास होता है । पुरानी हो चुकी झाड़ू को किसी एकांत जगह पर या जमीन के नीचे दबा देना चाहिए ।
  59. पंडित गुलशन बताते हैं कि विदेशों में झाड़ू को चुड़ैल की सवारी बताते हैं । लेकिन हमारे यहां मान्यता है कि झाड़ू की चोट से बड़े-बड़े बैताल भाग जाते हैं ।
  60. पंडित गुलशन अग्रवाल बताते हैं कि झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है इसलिए इससे जुड़े शगुन -अपशगुन जीवन पर गहरा प्रभाव डालते हैं ।

यदि झाड़ू से जुड़ी कुछ खास बातों का ध्यान न रखा जाए तो वही बातें हमारे लिए परेशानी का कारण बन जाती है । हमारे पौराणिक धार्मिक ग्रंथों में कई शगुन -अपशगुन मान्यताएं , परंपराएं बताई गई है यही बातें हमारे जीवन में सुख -समृद्धि, धन -दौलत ,सौभाग्य- दुर्भाग्य का रास्ता बताती हैं । इसलिए बताई गई बातों पर विशेष ध्यान देना चाहिए ।

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